दरजी की दुकान पर ये बात सुनने में अच्छी लग सकती है, मगर सोचिये अगर कोई आपका हाथ काटने से पहले ये सवाल करे तो? एक और फिल्म देखी हाल में वो थी होटल रवांडा। तुत्सी और हुतु जातियों के बीच हो रहे गृह युद्ध की पृष्ठभूमि में बनी ये फिल्म आपको इन्सान होने पर शर्मसार कर देगी। कितना भी कड़ा दिल कर लीजिये, फिल्म देख कर आंसू तो आने ही हैं। एक दृश्य है फिल्म का जिसमें फिल्म का मुख्य किरदार पॉल सबेरे सबेरे धुंध में गाड़ी से आ रह था। अचानक गाड़ी झटके खाने लगी तो पॉल नीचे उतर कर देखता है की सारी सड़क पर लाशें बिछी हैं जिनपर गाड़ी झटके खा रही थी। एक और दृश्य है जिसमें पॉल अपनी बीवी को छत पर बडे प्यार से डिनर के लिए बुलाता है और फिर उसे बड़े प्यार से समझाता है की अगर उपद्रवी होटल में आ गए तो उसे किस तरह से छत से कूद कर जान देनी होगी। दस लाख से ऊपर लोगों की मौत और इससे ज्यादा लोगों का विस्थापन, ये था नतीजा इस गृह युद्ध का। बार बार यही सोच रहा था की इन्सान आख़िर क्या चाहता है? है अगर सच देखने की हिम्मत तो ज़रूर देखियेगा इन दोनों फिल्मों को। राग मेरी कुछ पसंदीदा फिल्मों की सूची यह देखिए। |
Sunday, June 10, 2007
पूरी बांह या आधी बांह?
Sunday, May 27, 2007
स्पाइडरमैन - ३ देख ली
वैसे देखे हुए तो करीब अब एक हफ्ता हो ही गया। बढ़िया फिल्म है। अब स्पाइडरमैन की फिल्म में एक्शन, स्टंट, और बेहतरीन प्रभाव तो होते ही हैं, लेकिन इसके अलावा भी कहानी में एक खास बात होती है जो आपको बाँध कर रखती है। स्पाइडरमैन श्रंखला कि मैंने तीनों फिल्में देखीं है और कई कई बार देखी हैं। मूवी के अपने कुछ खास पल हैं। पीटर पार्कर और मैरी जेन का मकड़ी के जाल पर बैठ कर बातें और प्यार करने का दृश्य बड़ा ही खूबसूरत बना है। एक बहुत ही महत्वपूर्ण दृश्य तब है जब पीटर पार्कर अपनी आंटी से कहता है की वो मैरी से शादी करने के लिए कहेगा। इस समय बाक़ी बातों के अलावा पीटर कि आंटी उसे बताती है की शादी से पहले इस बात का वादा करो कि खुद से आगे हमेशा अपनी पत्नी को रखोगे। और ये भी की लड़कियों से शादी के लिए पूछना उनके लिए एक बहुत खास पल होता है, और इसको जितना खूबसूरत बना सको, बनाना। अब मैं पीटर कि आंटी के सारे उदगार बता दूंगा तो आपका मूवी का मज़ा खराब हो जाएगा। स्पाइडरमैन-३ ज़रूर देखिए क्यूंकि इसमें स्पाइडरमैन है, खूबसूरत मैरी जेन है, बेहतरीन स्टंट, और एक्शन है, लेकिन इससे भी बड़ी बात है आपको बाँध के रखने वाली कहानी। राग |
Wednesday, December 20, 2006
धूम-२ः कूड़े का ढेर
रात के २ बज रहे हैं, घर पर अभी धूम-२ खत्म हुई है। मित्रों के साथ मिल कर ६ लोगों ने देखनी शुरू की, एक बीच में घर चला गया, और एक सो गया। बाकी जिन्होने खत्म की, उनके चेहरे के भाव एसे हैं जैसे किसी ने बूरी तरह बेवकूफ बनाया हो। |
Thursday, August 10, 2006
करण जौहर का एक और तमाशा...
करण जौहर साहब फिर एक और एसे सिनेमा (कभी अलविदा ना कहना) के साथ आ रहे हैं जो पौने चार घंटे लंबा है (बाप रे बाप), उसमे लंबे-लंबे रोने धोने के सीन होंगे, जीवन से बड़े फ्रेम होंगे और काफी उपदेश होंगे। मेरी तो इच्छा पौने चार घंटे सुन के ही खत्म हो गई। |
